बड़ी संख्या में मोबाइल ग्राहक नैशनल डू नॉट कॉल (एनडीएनसी) में रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। यानी टेलिमार्केटिंग कंपनियों की कॉल सुनने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर लोग तैयार नहीं हैं। लॉन्च के सिर्फ 5 दिन में 50 लाख लोगों ने एनडीएनसी में रजिस्ट्री कराई है। उद्योग के विशेषज्ञों का आकलन है कि इस साल के अंत तक यह संख्या 10 करोड़ तक पहुंच जाएगी। इसका मतलब यह हुआ कि देश के 20 करोड़ मोबाइल इस्तेमालकर्ताओं में से 50 फीसदी टेलिमार्केटिंग कंपनियों की पहुंच से दूर होंगे।ट्राई के चेयरमैन नृपेंद मिश्रा ने कहा कि केवल 5 दिन में 50 लाख लोगों द्वारा रजिस्ट्री कराना इस बात का सबूत है कि ज्यादातर लोग विशेषकर शहरी मानते हैं कि टेलिमार्केटिंग उनकी निजी जीवन में दखलंदाजी है। उन्होंने कहा कि जल्द 5 करोड़ लोग एनडीएनसी में रजिस्ट्री कराएंगे।
एनडीएनसी की शुरुआती सफलता के बाद अब दूरसंचार नियामक इस मामले में अगला कदम उठा सकता है। इसके तहत एनडीएनसी के तहत रजिस्ट्री कराने वाले ग्राहक या तो टेलिमार्केटिंग कॉल्स पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा सकते हैं, या फिर वे इस बात का चुनाव कर सकते हैं कि उन्हें किस तरह की कॉल्स सुननी है। इसका मतलब यह हुआ कि दूसरे चरण में ग्राहक इस बात का चयन कर सकता है कि वह कौन सी कॉल्स सुनना चाहता है। मसलन हो सकता है कि वह होम लोन या कंस्यूमर गुड्स प्रॉडक्ट्स से जुड़ी कॉल्स को सुनना चाहे, तो वह ऐसा कर सकेगा। नवभारत टाइम्स से साभार




2 comments:
भाई साब..ये रजिस्ट्रशन कहाँ हो रहा है.. अगर इसकी सूचना भी दें तो बड़ी मेहरबा्नी होगी..
जो अभय जी ने कहा वही हम भी कह रहे हैं ।
कृपया एस एम एस और वेबसाईट दोनों बताएं
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