September 8, 2007

बगैर लाइसेंस का चैनल, नकली ऑपरेशन..ये क्‍या है अधिकारी बंधुओं...

दिल्ली के एक स्कूल की शिक्षिका के कथित सेक्स स्कैंडल का अपने स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से कथित रूप से भंडाफोड़ करने वाले लाइव इंडिया चैनल के पास इस नाम से कोई लाइसंस नहीं है।

यह खुलासा सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने शुक्रवार रात प्रसारण विधेयक के मसौदे पर प्रसारकों की बैठक के बाद पत्रकारों के सम्मुख किया। उन्होंने कहा कि यह टीवी चैनल पहले जनमत नाम से चल रहा था। बाद में उसने अपना नाम बदलकर लाइव इंडिया कर लिया, लेकिन ऐसा करते समय उसने सरकार से इसकी अनुमति नहीं ली। इस चैनल को सिर्फ एक बार इसके पिछले नाम से लाइसंस दिया गया था।

उन्‍होंने कहा कि पुलिस स्टिंग ऑपरेशन मामले की जांच कर रही है और सचाई जल्द सामने आ जाएगी। इसके अलावा समाचार प्रसारक परिसंघ (एनबीए) भी इस मामले की जांच कर रहा है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि बैठक में स्टिंग ऑपरेशन पर भी चर्चा हुई है और इसपर लोगों के दो राय थीं। कुछ लोगों ने इसे जनहित में इजाजत दिए जाने की वकालत की। बैठक में लाइव इंडिया के कार्यकारी अधिकारी सुधीर चौधरी भी उपस्थित थे और उन्होंने पुलिस व एनबीए को इस मामले की जांच में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। उल्लेखनीय है कि चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में सर्वोदय विद्यालय की गणित शिक्षिका उमा खुराना को वेश्यावृति का धंधा करने व अश्लील फिल्म बनाने में लिप्त दिखाया गया है।

उमा खुराना मामले में स्टिंग ऑपरेशन का सच आखिरकार सामने आ ही गया। शुक्रवार की शाम क्राइम ब्रांच ने स्टिंग ऑपरेशन करने वाले एक प्राइवेट न्यूज चैनल के पत्रकार प्रकाश सिंह (25) को गिरफ्तार कर लिया। उस पर आपराधिक षड्यंत्र रचने , धोखाधड़ी करने और झूठे सबूत बनाने के आरोप हैं। उधर स्टिंग ऑपरेशन में प्रकाश का साथ देने वाली और स्वतंत्र पत्रकारिता करने वाली नोएडा की जिस युवती को गुरुवार को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था , उसे शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया , जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि स्टिंग ऑपरेशन के दौरान प्रकाश के साथ गए चैनल की गाड़ी के ड्राइवर तेज नारायण तिवारी को भी गवाह के रूप में कोर्ट में पेश किया गया और उसके बयान दर्ज करवाए गए।

स्टिंग ऑपरेशन में कॉलगर्ल बनी लड़की रश्मि सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह नोएडा से निकलने वाले एक अखबार निर्भीक प्रहरी से जुड़ी पत्रकार है। रश्मि का कहना है कि उसे उसके करियर व भोली-भाली लड़कियों को खुराना के चंगुल से छुड़ाने का वास्ता देकर इस स्टिंग ऑपरेशन में शामिल किया गया। स्टिंग ऑपरेशन में इस लड़की ने कहा था कि मैं उमा खुराना की स्टूडेंट हूं और उमा ने ही मुझे वेश्यावृत्ति की ओर धकेला था। स्टिंग ऑपरेशन दिखाए जाने के तुरंत बाद तुर्कमान गेट के लोग भड़क उठे और उन्होंने उस स्कूल के आसपास काफी तोड़फोड़ तथा आगजनी की जहां उमा पढ़ाती थीं।

माना जा रहा है कि पूरे स्टिंग ऑपरेशन की रूपरेखा व्यवसायी वीरेंद्र अरोड़ा ने बनाई जिसका उमा खुराना से एक चिटफंड कमेटी को लेकर विवाद चल रहा था। उसने टीवी चैनल लाइव इंडिया से जुड़े रिपोर्टर प्रकाश सिंह को अपने विश्वास में लेकर सारे मामले को अंजाम तक पहुंचाया। अरोड़ा ने प्रकाश सिंह को विश्वास दिलाया कि कैसे उमा खुराना स्कूली लड़कियों को जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल रही है। इस मामले में अभी कुछ और गिरफ्तारियों की संभावना है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक , कोंडली में रहने वाला प्रकाश शुक्रवार की दोपहर क्राइम ब्रांच के दफ्तर में हाजिर हुआ। उससे पूछताछ करने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि , प्रकाश से हुई पूछताछ का खुलासा करने से पुलिस अधिकारियों ने इनकार कर दिया , लेकिन उन्होंने इस बात का स्पष्ट संकेत दिया कि मामले के सूत्रधार वीरेंद्र अरोड़ा और प्रकाश से पूछताछ के बाद मामला बिल्कुल साफ है कि स्टिंग ऑपरेशन विश्वसनीय नहीं है।

गौरतलब है कि इस नकली स्टिंग ऑपरेशन की वजह से ही पिछले हफ्ते तुर्कमान गेट इलाके में रहने वाले लोगों की भावनाएं भड़क उठी थीं और उन्होंने बुलबुली खाना स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय के सामने जमकर उत्पात मचाया था। स्टिंग ऑपरेशन के प्रसारण के फौरन बाद पुलिस ने स्कूल जाकर शिक्षिका उमा खुराना को गिरफ्तार कर लिया था। उस दौरान उत्तेजित भीड़ ने उनके कपड़े तक फाड़ दिए थे। बाद में उमा खुराना को बर्खास्त कर दिया गया।

उस दिन तुर्कमान गेट इलाके के लोगों ने भी चैनल को यह कहते हुए जमकर कोसा था कि इस तरह के स्टिंग ऑपरेशन का प्रसारण करने से पहले उन्हें सोचना चाहिए था कि इससे कहीं लोगों की भावनाएं तो आहत नहीं होगी। अब यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि स्टिंग ऑपरेशन नकली और बनावटी था। नवभारत टाइम्‍स से साभार

6 comments:

Udan Tashtari said...

बेहद शर्मनाक घटना. इस तरह की झूठी स्ट्रिंग ऑपरेशन की कार्यवाही की जितनी भी भर्तसना की जाये, कम है.

अरुण said...

बिलकुल सही जी..लेकिन इस तरह के लोग जो लोग सही भावना से सही दिशा मे लेगे थे,उन्की भी छवी पर असर डाल देगी

संजय बेंगाणी said...

मामला अब समझ में आया.

कृपा शंकर said...

यह घटना वाकई शर्मनाक है। इसके बाद तो पत्रकारों की विश्वसनीयता पर ही सवाल उठने लगेंगे। कहते हैं न कि एक सड़ी मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है। अब तो जो सही मायनों में जनभावनाओं के लिए स्टिंग आपरेशन करने जाएंगे उन्हें कितनी परेशानी होगी इसका अंदाजा किसी को नहीं है।

Anonymous said...

यदि उमा खुराना बेक़सूर है? तो वह तो जीते जी मार दी। उसकी धूमिल इज़्ज़त का क्या इलाज है?

अजित said...

आपने विस्तार से पूरे मामले की जानकारी दी । धन्यवाद
सामयिक विषयों पर अच्छा ब्लाग है।